Narendra Kumar's blog

totadpur

"Work In Progress" Khatm na hui abhi

तोतड़पुर नाम के एक गाँव की बात बताने जा रहा हुँ, ढंग से बैठ जाओ तकिया लेके। 700 महा अज्ञानी और गरीब लोगों का एक छोटा सा गाँव। गरीबी बहुत थी। मतलब बहुत ही ज्यादा थी। पूछोगे नहीं कि इतने गरीब थे तो परचून का सामान कैसे खरीद ते थे? सब बताऊंगा, सब्र रखो। था सब कुछ। अर एकदम कायदे से था। कौन क्या काम करेगा, ये भी तय था। इतना हि नहीं कौन क्या काम नहीं करेगा वो भी तय था।